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Success stories of Dholpur

42 साल बाद मिला न्याय

धौलपुर के राजाखेडा तहसील के टिढवली गांव के उमाशंकर एवं गिरिराज सिंह का नामान्तरण 42 साल पहले गलत चढ गया था और वे अपनी ही जमीन को अपनी साबित करने के लिए तारीख दर तारीख अदालतों के चक्कर काट रहे थे। न्याय आपके द्वार अभियान में उनका नामान्तरण उनके नाम कर 42 वर्ष से चली आ रही समस्या का निस्तारण किया गया।

16 साल बाद मिला सही खातेदारी हक

धौलपुर के उपखण्ड बसेडी के धौर गांव के निवासी रनसिंह कोली का नाम गलत दर्ज होने से अपने समुचित खातेदारी हक के लिए 16 साल से परेशान थे। न्याय आपके द्वार अभियान के तहत उनका नाम शुद्ध कर उन्हें तत्काल राहत प्रदान की गई।

20 वर्ष पुराने विवाद का निराकरण

धौलपुर के ग्राम टेटका में 20 वर्षों से मनीराम बनाम इब्राहिम वगैरह के विरूद्ध जमीन के बंटवारे का विवाद चल रहा था। शिविर में उनका आपसी सहमति से निपटारा कर 2 दशकों पुरानी समस्या का निराकरण किया गया।

पहली ही तारीख पर समझाइश से हुआ केस निस्तारण

धौलपुर के सैपउ के ग्राम पंचायत चितोरा में ईश्वरी बनाम नारायणी देवी जाति जाटव का मुकदमा दर्ज हुआ, किन्तु न्याय आपके द्वार अभियान के तहत पहली ही तारीख पर समझाइश से राजीनामा द्वारा प्रकरण का निस्तारण कर दिया गया।
मेवाड़ के आदिवासी अंचलों में राजस्व लोक अदालत अभियान न्याय आपके द्वार शिविर काश्तकारों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। इनमें ग्रामीणों के बरसों से लंबित कामों और प्रकरणों का निस्तारण लोक जीवन को सुकून दे रहा है वहीं सरकार के इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन भी...

बरसों के इंतजार के बाद मिला विरासती सम्पत्ति में हक

मेवाड़ के आदिवासी अंचलों में राजस्व लोक अदालत अभियान न्याय आपके द्वार शिविर काश्तकारों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। इनमें ग्रामीणों के बरसों से लंबित कामों और प्रकरणों का निस्तारण लोक जीवन को सुकून दे रहा है वहीं सरकार के इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन भी…
झालावाड़ के धतुरियाकला गांव के 65 वर्षीय कालूलाल मेघवाल को 28 साल बाद 'न्याय आपके द्वार' अभियान ने न्याय दिलाया। उनका नाम 20 मई 1988 को राजस्व रिकॉर्ड में मृतक के रूप में दर्ज कर उनके नाम की जमीन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम चढ़ा दी गई थी। 28 साल तक कालूलाल का नाम...

28 साल तक राजस्व रिकॉर्ड में मृत घोषित कालूलाल मेघवाल को मिला न्याय

झालावाड़ के धतुरियाकला गांव के 65 वर्षीय कालूलाल मेघवाल को 28 साल बाद ‘न्याय आपके द्वार’ अभियान ने न्याय दिलाया। उनका नाम 20 मई 1988 को राजस्व रिकॉर्ड में मृतक के रूप में दर्ज कर उनके नाम की जमीन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम चढ़ा दी गई थी। 28 साल तक कालूलाल का नाम…
गांव-गांव के कांकड़ में प्रशासनिक अमला जाकर राजस्व लोक अदालत लगाकर मौके पर ही वर्षां पूराने जमीनी मामलों को रजामंदी और प्रशासनिक सहयोग से चंद मिनटों से कुछ घण्टों के समय में ही निपटा कर काश्तकारों के हक को कानूनी अमली जामा मौके पर ही पहना कर लोक अदालत का...

सफलता की कहानी, ऐ सो न्याय तो बातां म ही सूण्यो

गांव-गांव के कांकड़ में प्रशासनिक अमला जाकर राजस्व लोक अदालत लगाकर मौके पर ही वर्षां पूराने जमीनी मामलों को रजामंदी और प्रशासनिक सहयोग से चंद मिनटों से कुछ घण्टों के समय में ही निपटा कर काश्तकारों के हक को कानूनी अमली जामा मौके पर ही पहना कर लोक अदालत का…
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की पहल पर आम ग्रामीणों की भलाई के लिए चल रहा राजस्व लोक अदालत अभियान.न्याय आपके द्वार उदयपुर जिले में ग्रामीणों को दिली सुकून का अहसास करा रहा है। बरसों से प्रतीक्षित काम मिनटों में होने लगे हैं और इस वजह से गर्मी के बावजूद अभियान...

सफलता की कहानी-सूरमा को 36 साल बाद मिले खातेदारी अधिकार ने दिया सुकून

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की पहल पर आम ग्रामीणों की भलाई के लिए चल रहा राजस्व लोक अदालत अभियान.न्याय आपके द्वार उदयपुर जिले में ग्रामीणों को दिली सुकून का अहसास करा रहा है। बरसों से प्रतीक्षित काम मिनटों में होने लगे हैं और इस वजह से गर्मी के बावजूद अभियान…
सीकर के रामगढ शेखावाटी के पालास ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सोमवार को लगा न्याय आपके द्वार शिविर गांव बागास के पांच भाइयों के लिए वरदान साबित हुआ। इन पांच भाइयों सुरजा, मुकना, पूरणा, गंगाराम व शीशपाल के बारह वर्ष पुराने मामले का निस्तारण इस शिविर में हुआ।...

बारह वर्ष पुरानी राजस्व रिकॉर्ड की गलती लोक अदालत में सुधरी

सीकर के रामगढ शेखावाटी के पालास ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सोमवार को लगा न्याय आपके द्वार शिविर गांव बागास के पांच भाइयों के लिए वरदान साबित हुआ। इन पांच भाइयों सुरजा, मुकना, पूरणा, गंगाराम व शीशपाल के बारह वर्ष पुराने मामले का निस्तारण इस शिविर में हुआ।…
 

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