रिसर्जेंट राजस्थान सम्मेलन की सफलता का श्रेय टीम राजस्थान को

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने रिसर्जेंट राजस्थान समिट-2015 के सफल आयोजन का श्रेय प्रदेश की जनता एवं टीम राजस्थान को देते हुए कहा कि करीब 3 लाख 30 हजार करोड़ के निवेश समझौतों को धरातल पर लाना हमारी प्राथमिकता होगी।

DSC_8805श्रीमती राजे शुक्रवार को सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एण्ड कन्वेंशन सेन्टर में रिसर्जेंट राजस्थान पार्टनरशिप समिट-2015 के समापन सत्र को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से हमने राजस्थान में निवेश की असीम सम्भावनाओं को निवेशकों के सामने रखा है। अब हमें दुगुने उत्साह के साथ कार्य में जुटना होगा। उन्होंने उद्योग जगत का आह्वान किया कि प्रदेश की जनता के विकास के सपने को पूरा करने के लिये सरकार के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर साथ चलें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज और कल में जो एमओयू हुए हैं वह निश्चित रूप से राजस्थान की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान एक मायने में भारत का छोटा रूप है। रिसर्जेंट राजस्थान भी हमारे 7 करोड़ राजस्थानियों की ताकत और जोश का ही प्रतीक है और हम, हमारी इसी ताकत, जोश और जज्बे से राजस्थान की तकदीर बदलने में कामयाब होंगे।

DSC_3495श्रीमती राजे ने कहा कि इस समिट का मतलब सिर्फ संख्या नहीं है। टीम राजस्थान पिछले 12 महीने से राज्य में घरेलू और वैश्विक साझेदारों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने में जुटी है। आज हम पक्के इरादे के साथ कह सकते हैं कि उनके साथ हुए एमओयू हर हाल में जमीन पर उतरेंगे और राजस्थान में रोजगार के अधिक से अधिक द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की सफलतापूर्वक समाप्ति के पश्चात् अब हमारा लक्ष्य है कि इसके लिए शासन स्तर पर आवश्यक सुदृढ़ संरचना तैयार की जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सच है कि हर आदमी उद्यमी नहीं बन सकता। इसलिए मेक-इन-इंडिया आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है क्योंकि मेक-इन-इंडिया वह कार्यक्रम है जो बेहतर वेतन वाले रोजगार को बढ़ावा देता है।

हमारे यहां ऐसी कंपनियां अधिक हैं, जिनमें तकनीक, कौशल और नवाचार की कमी है। अच्छी कंपनियों की स्थापना के लिये हमने सुधार लागू किये हैं, स्टार्ट-अप-पाॅलिसी और ईज आॅफ डूइंग बिजनेस लागू किया है।

श्रीमती राजे ने कहा कि राजस्थान के बारे में हमारा जो सपना है, उसे हम अकेले साकार नहीं कर सकते। हर छोटे-बड़े कदम पर हमारे सहभागियों को हमारे साथ खड़े रहना होगा। यह सम्मेलन हमारे लिए एक विश्वास का प्रतीक भी है। सिंगापुर, जापान, दक्षिण कोरिया, इटली और आॅस्ट्रेलिया सहित कई देशों के निवेशकों ने हम पर विश्वास जताया है। जिस पर हमें खरा उतरना है।

जयपुर, 20 नवम्बर 2015

This slideshow requires JavaScript.

Back to main page